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Showing posts from 2015

I LOVE YOU SO MUCH !!

शबाब था नक़ाब गम, बड़ी हसीन रात थी ! मुझे पिला रहे थे वो, के खुद ही शमा बुझ गई !!
गिलास गुम, शराब गुम, बड़ी हसीन रात थी! लबों से लब जो मिल गए, लबो से लब ही सील गए !!
सवाल गुम, जवाब गुम, बड़ी हसीन रात थी !  लिखा था जिस किताब में, के इश्क़ तो हराम है !!
"रस्क" हुई वो ही किताब गुम, बड़ी हसीन रात थी!! 

KITAB

नज़र में उत्तर जाते है गुलाब आहिस्ता आहिस्ता,  मोहब्बत हो रही है बे- हिज़ाब आहिस्ता आहिस्ता!
":रस्क"  सुना है वो किताब में हमारा नाम लिखते है,  तभी तो वो भी पढ़ते है किताब आहिस्ता आहिस्ता ! 
दिलो में दूरिया हो तो मोहब्बत और बढ़ती है , समझ आएगा उनको ये हिजाब आहिस्ता आहिस्ता!!

Kiss

लबों  से  लबों  को   छूने  का  असर,  ना पूछो  होता  है  क्या  वो  गज़ब ! थरथराहट  सी  होती  है  तन  में , जब  लबों   से  छू  जाते  हैं  लब!!
छूकर  जब  दूर  होते  हैं  लब  , जागती  है  कैसी  प्यास  अजब!  तरसते  हैं  वही  जाम   पीने  को,   कब  मिले  थे  लब  से  उनके  लब !!
 ऐसे  में  हो  जाये  बरसात  अगर,  उफ्फ्फ्फ़  फिर  तो  ना  रुका  जाये  अब!  ना  दूर  रह  पाये  फिर  सनम  से , अगर  ऐसे  में  लब  से  मिल  जाएँ  लब!! 
सिमट  जाएँ  आकर  फिर  हम  उनमे,  खो  जाएँ  उनमे  कुछ  इस  कदर ! ना  होश  रहे  रस्मो  रिवाज़  का ,  जब  उनके  लबों  से  मिल  जाएँ  लब!! 
"रस्क" हो  जाये  हर  मुराद  उनकी  पूरी,  बिखर  जाऊं  मैं  उनके  क़दमों  पर ! ना  रह  जाये  फिर  कोई  रस्म  भी  बाकि,  जब  लब  से  मिल  जाएँ   उनके  लब ...!!!

Yu Hi Mere Samne !!

सामने बैठे रहो दिल को करार आयेगा ! जितने दिखेंगे तुम्हे उतना ही प्यार आएगा !! मैं जो सोचूँगा तुम्हे, और संवर जाओगे ! फूल  चेहरे पर कुछ और निखार आएगा !! दिल की धड़कन में रहो मेरी सांसो में बसो ! बस ये ही लम्हा हर एक कर्ज उतार आएगा ! जितने दिखेंगे तुम्हे उतना ही प्यार आएगा !!

Gungunane Lage

धुप में शामियाने लगे  , वो ख्यालो में आने लगे !  चंद पल की मुलाकात को भी  भूलने में ज़माने लगे  !! कोई जाने ग़ज़ल बन गया,  हम ग़ज़ल गुनगुनाने लगे  ! रूह ऐ रोशन से जुल्फे हटा दो  अब अन्धेरे हमें डराने लगे !! आग अब तो हम अपने दिल की  आसुंओ से बुझाने लगे ! वो जिधर से भी गुजरे है हंस कर  रास्ते जगमगा ने लगे !! "रस्क" उनसे  नज़र जब मिली है  बिन पिए हम डगमगाने लगे है !

Manana Nahi aata !!

मुझे रूठना नहीं आता, मुझे मनाना नहीं आता ! मुझे दूर जाना नहीं आता, मुझे प्यार से वापस बुलाना नहीं आता ! "रस्क" तुम मुझे भूल जाओ ये तुम्हारी मर्जी , मै क्या मुझे तो भूलना भी नहीं आता !

Tumse Lipat Kar !!

सीने से लिपट कर वो मेरे रोने लगे  जिस तरह , मानो ज़न्नत का सुकून मिल गया हो जिस तरह ! हम तो खामोश थे बस उनकी ख़ामोशी देख कर , अहसास होने लगा अपने प्यार का उस वक़्त इस तरह ! "रस्क " फिर से नई  ज़िंदगी मिल गई  जो जिस तरह !!


Chum liya bahon me uthar kar !!

साँसों की हरारत से  चुम लिया , लबों की गर्माहट से चुम लिया !
मिला कर नज़रो को  नज़रो से उसने , शर्म को शरारत से चुम लिया ! 
ले कर मुझ को अपनी बाँहों में,  एहसासो की शिद्दत से  लिया !
छूने से उनके यूँ लगा जैसे , जिंदगी को क़यामत से चुम लिया !
बे खुद कर के इन नज़दीकियों ने , हर दर्द को राहत से चुम लिया !
मुकम्मल गया जहां मेरा , ख़्वाब को हक़ीक़त से चुम लिया !
"रस्क" मुझ को अपना बना कर उसने मेरी, मुहब्बत को इबादत से चुम लिया !! 



Meri Jarutat use bhi thi !!

देखा पलट के उसने की हसरत उसे भी थी,  हम जिस मिट गए थे मुहब्बत उसे भी थी!!
चुप हो गया था देख कर वह भी इधर उधर,  दुनिया से मेरी तरह शिकायत उसे भी थी!! 
ये सोच कर अँधेरे गले लगा लिए,  रातों को जागने की आदत उसे भी थी !!
वो रो दिया था मुझ को परेशान देख कर,  उस दिन लगा की मेरी ज़रूरत उसे भी थी !!

Mere Sath Na chal

तू मेरे साथ ना चल ऐ मेरी रूह ऐ ग़ज़ल , लोग बदनाम न करदे तू इरादो को बदल !
मैंने माना की बहुत प्यार किया है तूने , साथ ही जीने का इकरार किया है तूने ! मानले बात मेरी देख तू इस राह न चल!!
तू मेरे साथ ना चल ऐ मेरी रूह ऐ ग़ज़ल , लोग बदनाम न करदे तू इरादो को बदल !
साथ देखेगे तो फिर लोग कहेंगे क्या क्या , सोच ले सोच ले इल्ज़ाम घेरेंगे क्या क्या ! ऐ मेरी पर्दानशीं  देख, ना परदे से निकल !!
तू मेरे साथ ना चल ऐ मेरी रूह ऐ ग़ज़ल , लोग बदनाम न करदे तू इरादो को बदल !
अपनी उल्फत पे कभी आंच न आ जाये कहीं , तेरी रुसवाई हो  ये बात गवारा ही नहीं ! देख नादाँ न बन होश में आ यु न मचल !!
तू मेरे साथ ना चल ऐ मेरी रूह ऐ ग़ज़ल , लोग बदनाम न करदे तू इरादो को बदल !

Mera Mahi Tu Hai !!

"रस्क" ये जमाना है काली रातों से,  मुझे जुदा नहीं होना तेरी बाँहों से ! जान को छोड़ कर  कह,  तेरे लिए  कुछ भी कर सकता हूँ !! मैं  जान नहीं दे सकता  मेरी जान तू है !! जिन्दा जो करदे इस रूह से तू मुझे , मैं रो लूंगा हँस हँस के ! तेरी जिन्दगी में शामिल है ये मेरी , तू ताने दे कस  कस के ! मुझे रोने दे दुनिया में जितना तू चाहे , में रोना नहीं "रस्क" मेरा माही तू है !! 

Ye Jaan Teri Hai !!

दिल चीज क्या है "रस्क" , ये जान भी तेरी है ! तेरी बाँहों में जान निकले ये ख़्वाहिश मेरी है !! लाख दुआये कर करके खुद से माँगा है , जी भर के देख लु इतनी उम्र नहीं मेरी है ! ये हुस्न जवानी का क्या मान करू "रस्क" सबका मालिक है तू मेरी क्या हस्ती है ! दिल चीज क्या है "रस्क" , ये जान भी तेरी है ! तेरी बाँहों में जान निकले ये ख़्वाहिश मेरी है !!

Lab Chu Gaya Tha Kabhi !!!

मेरा अपना तजुर्बा है तुम्हे बतला रहा हूँ ! कोई लब छू गया था तब, अब तक गा रहा हूँ !! फ़िराक ऐ यार में कैसे जिया जाए बिना तड़फे ! बिछड़ के तुमसे अब कैसे जिया जाए बिना तड़फे !! जो में खुद ही नहीं समझा वो ही समझा रहा हूँ तुम्हे !!! किस पत्थर में मूरत है कोई पत्थर की मरता है!  लो हमने देख ली दुनिया , जो इतनी खूबसूरत है !! जमाना अपनी समझे पर मुझे अपनी खबर ये है !! "रस्क " तुझे मेरी जरुरत है, मुझे तेरी जरुरत है !!

Tera Hi Naam

मुझे अब भी मुहब्बत है   .......  तेरे क़दमों की आह्ट से , तेरी हर मुस्कराहट से , तेरी बातों की खुश्बू से , तेरी आँखों के  जादू से , तेरी दिलकश वादो  से ,  तेरी कातिल अदाओं से , मुझे अब भी मुहब्बत है   .......  तेरी राहों में रुकने से , तेरी पलकों के झुकने से , सेहर ओ शाम होठों पे , "रस्क" तेरा  ही नाम लिखने से , तेरे तैश ओ अदावत से , तेरी बेजा शिकायत से , यहाँ तक के मेरे ऎ दोस्त , तेरी हर एक आदत से , मुझे अब भी मुहब्बत है  .......   मुझे अब भी मुहब्बत है ....... 

Khusi Ka muqddar

जो तूने बक्शा है वो गम कहाँ नहीं होता, ये शोला ऐसा है जिसका धुँआ नहीं होता !! तलब  है तुझको ख़ुशी की जन्म से ऐ "रस्क", बता क्यू तेरा मुकद्दर जवां क्यू नहीं होता !!

Rask Ye Ashk

आओ तो कभी देखो तो जरा,  हम कैसे जिए तेरी खातिर ! दिन रात जलाये बैठे है,  आँखों के दिये तेरी खातिर !!
एक नाता तुझ से जोड़ लिया , सब अपनों से मुँह मोड़ लिया ! हम तन्हा  होकर बैठ गए , सब छोड़ दिया तेरी खातिर !!
कुछ आहें थी कुछ शिकवे थे , होंठो पे उन्हें आने ना दिया ! जो आँख के रस्ते भी आये , सब अश्क पिए तेरी खातिर !!
बदनाम ना तू  हो जाये कहीं , इन अपनी जफ़ाओ के बदले ! इन तेरे गमो पे खुशियो के , सो परदे किये तेरी खातिर !!
मेरे खून ये जिगर का दाग़ कही , दामन  पे तेरे ना  लग जाये ! एक अहदे वफ़ा के धागे से , सब जख्म सिये तेरी खातिर !!
हम सब कुछ अपना  हर गए , बर्बाद हुए पर तू न मिला !! "रस्क"  बेकार जहाँ में जीने के  इल्जाम लिए तेरी खातिर !!

Tohfa

चलो में बताओ  कैसे दोस्त  हो तुम ? मेरे लिए ! मेरी दुनिया हो  तुम.. छू के जो गुज़री  वो हवा हो तुम में ने जो मांगी  वो दुआ हो तुम  करे मुझे  जो रोशन वो दिया हो तुम  रम हो तो  ये  दुनिया हे खूबसूरत मेरी  कैसे कहूँ  के  मेरे कैसे दोस्त  हो तुम "रस्क" कर सको यक़ीन  तो  बताओं तुम्हें ? जिंदगी  का खास तोहफा  हो तुम !!

Rota Hua Chor Gaye

कुछ वक़्त पहले मुझे भी जिन्दगी ने आज़माया था ! किसी के साथ मैंने भी हँसता हुआ पल बिताया था !! रोता हुआ छोड़ गए तो क्या हुआ ! हसना भी तो उसी ने सिखाया था !!

Mohbbat meharban nahi hoti !!

                     बहते अश्कों की जुबान नहीं होती,                     लफ़्ज़ों में मोहब्बत बयां नहीं होती !                          मिले जो प्यार तो कदर करना ,                 किस्मत हर किसी पर मेहरबान  नहीं होती !!

Tu Jo Nahi Hai To ......

तू जो नहीं है तो कुछ भी नहीं है ! ये माना महफ़िल जवां जवां है  !! निगाहों में तु है ये दिल झूमता है ! न जाने मुहब्बत की राहो में क्या है !! जो तू हमसफ़र है तो कुछ गम नहीं है ! ये मन महफ़िल हसीं है जवां है !! "रस्क" वो आये न आये जमी है निगाहे ! सितारों ने देखी  है झुक झुक के रहे !! ये दिल बदगुमाँ है नज़र को यकीं है !!

Adawat ....

न कोई शिकायत है न कोई अदावत है ! दिल तोड़ने वाले  हमें क्यू तुझसे मोह्हबत है !!
दिल दिया तो दिया हमने  तुझे,  उम्र भर के लिए ! चीज वापिस मांगने की हमें कहाँ आदत है !! दिल तोड़ने वाले  हमें क्यू तुझसे मोह्हबत है !!!
समझेगा निगाहो को कैसे इस हुस्न की कोई ! देखो तो इनायत है बदले तो कयामत है !!  दिल तोड़ने वाले  हमें क्यू तुझसे मोह्हबत है !!!
कौन क्या है "रस्क" ये खबर ज़माने की हमें भी है ! पर चुप है इस कदर,  ये अपनी शराफत !! दिल तोड़ने वाले  हमें क्यू तुझसे मोह्हबत है !!!

Ilzam .....

"सूखे पत्ते की तरह गिरा रहा है कोई, बेवजाह हमें सता रहा है कोई, "रस्क" क्या-क्या न लुटाया हमने दोस्ती में, फिर भी इलज़ाम पे इलज़ाम लगा कोई"

App Muskuraoge

कुछ गम जो आपके सफों पे लिखे है  संवर जायेंगे ! वक़्त खुद ब खुद काट जाएंगे जब आप मुस्कुरायगे !!
लबो पे अपने तल्ख़िया आने मत दीजिये ! हंस के बाते जो करेंगे गैर अपने  बन जायेंगे !! कुछ गम जो आपके सफों पे लिखे है  संवर जायेंगे ! वक़्त खुद ब खुद काट जाएंगे जब आप मुस्कुरायगे !!
 शोखी है शाख पर सोच कोई दरख़्त नहीं काटिए ! सावन न लौट के आएगा परदेश से घर आएंगे !! कुछ गम जो आपके सफों पे लिखे है  संवर जायेंगे ! वक़्त खुद ब खुद काट जाएंगे जब आप मुस्कुरायगे !!
नासूर भी बन सकते है अब और इन्हे न छेडिये ! "रस्क" छोड़गे इनके हाल भी तो ये जख्म भी भर जायेंगे !!

Meri Sans

एक दिन जब मेरी साँस बंद हो जाएगी , मत सोचना की मेरी चाहत खत्म हो जाएगी  फर्क सिर्फ इतना होगा . . .  आज हम आपको याद कर के रोते है , कल मेरी यादें आपको रुलाएगी  . . . . . 

IBADAT

रोज़ तारों की नुमाइश में  खलल पड़ता है ,
चाँद भी पागल है, सिर्फ रातों में निकल पड़ता है,
आई है याद उनकी,  सिर्फ ए सांसों थम जाना ज़रा. . . . 
दिल के धड़कने से भी , उनकी इबादत में खलल पड़ता है !!

Tujhe Kya MIla ??

मेरी ज़िंदगी मुझे यह बता , मुझे भूल कर तुझे क्या मिला ? मेरी हसरतो का हिसाब दे , दिल तोड़ कर तुझे क्या मिला ? तेरे चार दिन के प्यार से , मुझे उम्र भर का गम मिला ? मैं टूट कर बिखर गया , मुझे तोड़  तुझे क्या मिला ??

main khawab hun

मैं फ़रमाईश हूँ उसकी, वो इबादत है मेरी , इतनी आसानी से कैसी निकल दूँ , उसे अपने दिल से ! मैं  ख़्वाब हूँ उसका, वो हकीकत है मेरी !!

mohbbat ke naam se dar lagta hai

रोज़ ढलती हुई शाम से दर लगता हैं, अब मुझे इश्क़ के अंजाम से दर लगता है !  जब से तुमने मुझे  धोखा दिया, तबसे मोहब्बत के नाम से डर लगता है !!

wada karo mujhse

मुझसे वादा करो मुझे रुलाओगे नहीँ हालात जो भी हो मुझे भुलाओगे नहीं
छुपा के अपनी आँखों में रखोगे मुझ को दुनिया में किसी और को दिखाओगे नहीं
मेरे लफ़्ज मेरे दिल की तहरीरें हैं कसम उठाओ इन को कभी जलाओगे नहीं
"रस्क"   ये यकीन दिलाओ मुझे याद रखोगे मेरी यादों को अपने दिल से मिटाओगे नहीं..

jab kisi se gila

जब किसी से कोई गिला रखना,  सामने अपने आईना रखना ! यू उजालों से वास्ता रखना,  शमा के पास ही हवा रखना !! घर की तामीर चाहे जैसी हो,  इसमें रोने की कुछ जगह रखना ! मस्जिद हैं नमाज़ियों के लिए , अपने घर में कहीं खुद रखना ! "रस्क" मिलना जुलना जहाँ ज़रूरी हो,  मिलने जुलने का हौसला रखना !!

Dil Kisi Ko pana Chahta

ये दिल किसी को पाना चाहता है,
और उसे अपना बनाना चाहता है,


खुद तो चाहता है ख़ुशी से धड़कना उसका दिल भी धड़काना चाहता है,


जो हँसी खो गई थी बरसों पहले कहीं, फिर उसे लबों पर सजाना चाहता है,

तैयार है प्यार में साथ चलने के लिए,
उसके हर गम को अपनाना चाहता है,


"रस्क" मोहब्बत  तो हो ही गई है अब तो,  पर, अब उसी से ही ये छिपाना चाहता है,


ये दिल अब किसी को पाना चाहता है, और उसे सिर्फ अपना बनाना चाहता है.

mare shahar ki galiya

ये मेरा शहर है, मुझ को यहीं रहना भी है , लेकिन . . .  मुझे इस शहर की दो तीन गलियों को भूलना ! की इन गलियों दे वास्ता हैं,  कुछ मग़मूम सी यादे , मगर मुश्किल यही तो है, की मैं जिसे सिमट भी जाऊ, वही गलियां मेरे हर रस्ते मं आ निकलती है! मगर   कैसे भूलना है , नहीं कुछ सूझता मुझ को , किसी से पूछना होगा ,  ये अंदेशा भी है लेकिन , के मैं जिस से भी पूछूंगा , वो मुझ को न दे पायेगा, मुनासिब मशवरा कोई, के इन गलिओं के जादू  का , किसी को इल्म ही कब हे 

BARSAT SE DAR LAGTA HAI

बात दिन की नहीं अब रात से डर लगता है, घर है कच्चा मेरा, बरसात डर लगता गई !!
तेरे तोहफे ने तो बस खून के आंसू ही दिए, ज़िंदगी अब तेरी सौगात से डर लगता हैं !!
प्यार को छोड़ कर तुम कोई बात करो, अब मुझे प्यार की हर बात से दर लगता है !!

khat ke tukde

टूटे हुए कुछ दिलों के , मैं टुकड़ों को उठा कर, लौट आया हूँ , एक दर्द को , सीने में दबा कर ! फिर जोड़ के , पढता हूँ , उसी खत के मैं टुकड़े , आया था अभी जिन को, हवाओं में उड़ा कर ! इक ख़्वाब, हसीं देख ले, तू मेरी नज़र से, लाया हूँ, उसे आँख की, पुतली में सजा कर ! फिर जवाब ऐ जुदाई, न मुझे, आँख देखा दे, इस खौफ ने, शब भर मुझे, रखा है जगा कर ! ऐ "रस्क" , वो ही हम से, निगाहों को चुराए , लाए  थे, जिसे दुनिया की, नज़रों से, चुरा कर !! 

Rukne Lage meri sanse

अगर रुकने लगे सांसे मेरी तो , मेरे पास  आ जाना , अपनी गोद में रखकर सर मेरा मुझे सहलाना ! कुछ पल ही सही हम सारी तन्हाई की दास्ताँ बाय कर देंगे, फिर मेरी कहानी शुन कर थोड़ा गुमसुम हो जाना !! रोना मत वरना हमें भी रोना आ जायेगा , बस एक बार मुस्कुरा कर प्यार से हमे सुला जाना !!

Achh Nahi Lagta

जो मिल कर दूर जाते हो, मुझे अच्छा नहीं लगता ,
सितम ये मुझ पे ढाते हो, मुझे अच्छा नहीं लगता !!
हजारो इम्तहानों से, गुजर कर, मैं यहाँ पंहुचा ,  तुम अब भी आजमाते हो, मुझे अच्छा नहीं लगता !! 
हमारे साथ कल तक तुम, चमन ,में फूल बोते थे , तुम्ही कांटे बिछाते हो, मुझे अच्छा नहीं लगता !!


मैं वाक़िफ़ हूँ, तुम्हारे दोस्तों के, असली चेहरों से,  अगर चाहत तुम निभाते हो,मुझे अच्छा नहीं लगता !!

निशाना बन रहा हूँ में, जहाँ के तंज़ ओ तानों के , और तुम दामन  छुड़ाते  हो , मुझे अच्छा नहीं लगता !!


"रस्क" बुरा लगता है, अपनी बात जब, समझा नहीं पता , समझ जब तुम न पते हो , मुझे अच्छा नहीं लगता !!

Rone Ke Liye

जब हम छोटे थे तो सोने के लिए  रोने का नाटक करते थे , "रस्क" पर आज हम जब बड़े हो गए हैं  तो रोने के लिए सोने का नाटक करते है !!

yaad

बिछड़ते हुए याद दे जायेंगे,  खुद सोने से पहले तुम्हे ख़्वाब दे जायेंगे!  तुम्हे गिला हैं की हम बात नहीं करते,  साँसों के रुकने से पहले हर जवाब दे जायेंगे !!

USKE PYAR KA ANDAJ

मत पूछ उसके प्यार करने का अंदाज़ कैसा था ? उसने दिन रात मुझ को सताया इतना की. . . . .  नफरत भी हो गयी और  मोहब्बत भी हो गयी  उसने इस नज़ाकत से मेरे होंठो को चूमा की  रोज़ा भी न टुटा  और अफ्तारी भी हो गयी ! उसने इस एहतराम से मुझसे मोहब्बत की  के गुनाह भी न हुआ  और   इबादत भी हो गयी  मत पूछ उसके प्यार करने का अंदाज़ कैसा था ? "रस्क" उसने इस शिद्दत से सीने से लगाया की  मौत भी न हुयी  और   जन्नत भी मिल गयी !!

Tmhari Muhbbat

तुम मोहब्बत  भी , मौसम की , तरह निभाते हो, कभी बरसते हो , कभी  बूँद को , तरसाते हो !
पल मैं कहते हो, ज़माने मैं, फ़क़त तेरे है,  पल मैं,  इज़हार ऐ मुहब्बत से, मुकर जाते हो !!
भरी महफ़िल में, दुश्मनो की तरह, मिलते हो, और दुआओं में, "रस्क" मेरा नाम लिए जाते हो !

rask

DIL ME GAR YAKIN

TUM HO

मैं फूल हूँ मेरी खुशबू तुम हो, मैं दिल हूँ मेरी धड़कन तुम हो!!  मेरी जान हो मेरी रूह तुम हो , मैं जिस्म हूँ मेरी जिंदगी तुम हो !! मैं अक्स हूँ मेरी हकीकत तुम हो, मैं साया हूँ मेरी सूरत तुम हो !! मैं लैब हूँ मेरी बात तुम हो , मैं तब हूँ मुकमल "रस्क " जब मेरे साथ तुम हो !! क्योकी तुम ही हो , तुम ही हो जिंदगी अब. .  .  . . . . . . 

TEARS

एक कतरा ही आँखों में पानी  तो  है , थोड़ी सी ही सही मोहब्बत की निशानी  तो है !!

hum ne aapko yaad kiya

Hum ne aapko yaad kiya …
Jab kabhi mausam mein khushbu bikhar jaye,
Jab kabhi chandni mein raat bikhar jaye,
Jab kabhi bewajah hi dhadkanein machal jaye,
to samajhna ki hamne aapko yaad kiya…

PAL PAL

Pal Pal tarse the ..
jis Pal ke liye...!

wo Pal bhi aaya..
kuch Pal ke liye...!

socha us Pal ko rok le...
har Pal ke liye...!

par wo Pal n ruka...
ek Pal ke liye...!!

Muhabbat

Khamosh Muhabbat Ka Ehsaas Hai Wo.. Mere Khwahish Mere Jajbat Hai Wo.. Aksar Ye Khayal Kyu Aata Hai Dil Mein.. Meri Pehli Khoj Or Aakhiri Talash Hai Wo..!!