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Showing posts from April, 2015

IBADAT

रोज़ तारों की नुमाइश में  खलल पड़ता है ,
चाँद भी पागल है, सिर्फ रातों में निकल पड़ता है,
आई है याद उनकी,  सिर्फ ए सांसों थम जाना ज़रा. . . . 
दिल के धड़कने से भी , उनकी इबादत में खलल पड़ता है !!

Tujhe Kya MIla ??

मेरी ज़िंदगी मुझे यह बता , मुझे भूल कर तुझे क्या मिला ? मेरी हसरतो का हिसाब दे , दिल तोड़ कर तुझे क्या मिला ? तेरे चार दिन के प्यार से , मुझे उम्र भर का गम मिला ? मैं टूट कर बिखर गया , मुझे तोड़  तुझे क्या मिला ??

main khawab hun

मैं फ़रमाईश हूँ उसकी, वो इबादत है मेरी , इतनी आसानी से कैसी निकल दूँ , उसे अपने दिल से ! मैं  ख़्वाब हूँ उसका, वो हकीकत है मेरी !!

mohbbat ke naam se dar lagta hai

रोज़ ढलती हुई शाम से दर लगता हैं, अब मुझे इश्क़ के अंजाम से दर लगता है !  जब से तुमने मुझे  धोखा दिया, तबसे मोहब्बत के नाम से डर लगता है !!

wada karo mujhse

मुझसे वादा करो मुझे रुलाओगे नहीँ हालात जो भी हो मुझे भुलाओगे नहीं
छुपा के अपनी आँखों में रखोगे मुझ को दुनिया में किसी और को दिखाओगे नहीं
मेरे लफ़्ज मेरे दिल की तहरीरें हैं कसम उठाओ इन को कभी जलाओगे नहीं
"रस्क"   ये यकीन दिलाओ मुझे याद रखोगे मेरी यादों को अपने दिल से मिटाओगे नहीं..

jab kisi se gila

जब किसी से कोई गिला रखना,  सामने अपने आईना रखना ! यू उजालों से वास्ता रखना,  शमा के पास ही हवा रखना !! घर की तामीर चाहे जैसी हो,  इसमें रोने की कुछ जगह रखना ! मस्जिद हैं नमाज़ियों के लिए , अपने घर में कहीं खुद रखना ! "रस्क" मिलना जुलना जहाँ ज़रूरी हो,  मिलने जुलने का हौसला रखना !!

Dil Kisi Ko pana Chahta

ये दिल किसी को पाना चाहता है,
और उसे अपना बनाना चाहता है,


खुद तो चाहता है ख़ुशी से धड़कना उसका दिल भी धड़काना चाहता है,


जो हँसी खो गई थी बरसों पहले कहीं, फिर उसे लबों पर सजाना चाहता है,

तैयार है प्यार में साथ चलने के लिए,
उसके हर गम को अपनाना चाहता है,


"रस्क" मोहब्बत  तो हो ही गई है अब तो,  पर, अब उसी से ही ये छिपाना चाहता है,


ये दिल अब किसी को पाना चाहता है, और उसे सिर्फ अपना बनाना चाहता है.

mare shahar ki galiya

ये मेरा शहर है, मुझ को यहीं रहना भी है , लेकिन . . .  मुझे इस शहर की दो तीन गलियों को भूलना ! की इन गलियों दे वास्ता हैं,  कुछ मग़मूम सी यादे , मगर मुश्किल यही तो है, की मैं जिसे सिमट भी जाऊ, वही गलियां मेरे हर रस्ते मं आ निकलती है! मगर   कैसे भूलना है , नहीं कुछ सूझता मुझ को , किसी से पूछना होगा ,  ये अंदेशा भी है लेकिन , के मैं जिस से भी पूछूंगा , वो मुझ को न दे पायेगा, मुनासिब मशवरा कोई, के इन गलिओं के जादू  का , किसी को इल्म ही कब हे 

BARSAT SE DAR LAGTA HAI

बात दिन की नहीं अब रात से डर लगता है, घर है कच्चा मेरा, बरसात डर लगता गई !!
तेरे तोहफे ने तो बस खून के आंसू ही दिए, ज़िंदगी अब तेरी सौगात से डर लगता हैं !!
प्यार को छोड़ कर तुम कोई बात करो, अब मुझे प्यार की हर बात से दर लगता है !!

khat ke tukde

टूटे हुए कुछ दिलों के , मैं टुकड़ों को उठा कर, लौट आया हूँ , एक दर्द को , सीने में दबा कर ! फिर जोड़ के , पढता हूँ , उसी खत के मैं टुकड़े , आया था अभी जिन को, हवाओं में उड़ा कर ! इक ख़्वाब, हसीं देख ले, तू मेरी नज़र से, लाया हूँ, उसे आँख की, पुतली में सजा कर ! फिर जवाब ऐ जुदाई, न मुझे, आँख देखा दे, इस खौफ ने, शब भर मुझे, रखा है जगा कर ! ऐ "रस्क" , वो ही हम से, निगाहों को चुराए , लाए  थे, जिसे दुनिया की, नज़रों से, चुरा कर !! 

Rukne Lage meri sanse

अगर रुकने लगे सांसे मेरी तो , मेरे पास  आ जाना , अपनी गोद में रखकर सर मेरा मुझे सहलाना ! कुछ पल ही सही हम सारी तन्हाई की दास्ताँ बाय कर देंगे, फिर मेरी कहानी शुन कर थोड़ा गुमसुम हो जाना !! रोना मत वरना हमें भी रोना आ जायेगा , बस एक बार मुस्कुरा कर प्यार से हमे सुला जाना !!

Achh Nahi Lagta

जो मिल कर दूर जाते हो, मुझे अच्छा नहीं लगता ,
सितम ये मुझ पे ढाते हो, मुझे अच्छा नहीं लगता !!
हजारो इम्तहानों से, गुजर कर, मैं यहाँ पंहुचा ,  तुम अब भी आजमाते हो, मुझे अच्छा नहीं लगता !! 
हमारे साथ कल तक तुम, चमन ,में फूल बोते थे , तुम्ही कांटे बिछाते हो, मुझे अच्छा नहीं लगता !!


मैं वाक़िफ़ हूँ, तुम्हारे दोस्तों के, असली चेहरों से,  अगर चाहत तुम निभाते हो,मुझे अच्छा नहीं लगता !!

निशाना बन रहा हूँ में, जहाँ के तंज़ ओ तानों के , और तुम दामन  छुड़ाते  हो , मुझे अच्छा नहीं लगता !!


"रस्क" बुरा लगता है, अपनी बात जब, समझा नहीं पता , समझ जब तुम न पते हो , मुझे अच्छा नहीं लगता !!

Rone Ke Liye

जब हम छोटे थे तो सोने के लिए  रोने का नाटक करते थे , "रस्क" पर आज हम जब बड़े हो गए हैं  तो रोने के लिए सोने का नाटक करते है !!

yaad

बिछड़ते हुए याद दे जायेंगे,  खुद सोने से पहले तुम्हे ख़्वाब दे जायेंगे!  तुम्हे गिला हैं की हम बात नहीं करते,  साँसों के रुकने से पहले हर जवाब दे जायेंगे !!

USKE PYAR KA ANDAJ

मत पूछ उसके प्यार करने का अंदाज़ कैसा था ? उसने दिन रात मुझ को सताया इतना की. . . . .  नफरत भी हो गयी और  मोहब्बत भी हो गयी  उसने इस नज़ाकत से मेरे होंठो को चूमा की  रोज़ा भी न टुटा  और अफ्तारी भी हो गयी ! उसने इस एहतराम से मुझसे मोहब्बत की  के गुनाह भी न हुआ  और   इबादत भी हो गयी  मत पूछ उसके प्यार करने का अंदाज़ कैसा था ? "रस्क" उसने इस शिद्दत से सीने से लगाया की  मौत भी न हुयी  और   जन्नत भी मिल गयी !!

Tmhari Muhbbat

तुम मोहब्बत  भी , मौसम की , तरह निभाते हो, कभी बरसते हो , कभी  बूँद को , तरसाते हो !
पल मैं कहते हो, ज़माने मैं, फ़क़त तेरे है,  पल मैं,  इज़हार ऐ मुहब्बत से, मुकर जाते हो !!
भरी महफ़िल में, दुश्मनो की तरह, मिलते हो, और दुआओं में, "रस्क" मेरा नाम लिए जाते हो !

rask

DIL ME GAR YAKIN

TUM HO

मैं फूल हूँ मेरी खुशबू तुम हो, मैं दिल हूँ मेरी धड़कन तुम हो!!  मेरी जान हो मेरी रूह तुम हो , मैं जिस्म हूँ मेरी जिंदगी तुम हो !! मैं अक्स हूँ मेरी हकीकत तुम हो, मैं साया हूँ मेरी सूरत तुम हो !! मैं लैब हूँ मेरी बात तुम हो , मैं तब हूँ मुकमल "रस्क " जब मेरे साथ तुम हो !! क्योकी तुम ही हो , तुम ही हो जिंदगी अब. .  .  . . . . . . 

TEARS

एक कतरा ही आँखों में पानी  तो  है , थोड़ी सी ही सही मोहब्बत की निशानी  तो है !!