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main khawab hun


मैं फ़रमाईश हूँ उसकी,
वो इबादत है मेरी ,
इतनी आसानी से कैसी निकल दूँ ,
उसे अपने दिल से !
मैं  ख़्वाब हूँ उसका,
वो हकीकत है मेरी !!

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कभी हम टूटे तो कभी ख्वाब टूटे, न जाने कितने टुकड़े में अरमान टूटे !! हर टुकड़ा  आइना है ज़िन्दगी का "रस्क" , हर आईने के साथ लाखों जज़्बात टूटे !!