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mohbbat ke naam se dar lagta hai


रोज़ ढलती हुई शाम से दर लगता हैं,
अब मुझे इश्क़ के अंजाम से दर लगता है !
 जब से तुमने मुझे  धोखा दिया,
तबसे मोहब्बत के नाम से डर लगता है !!

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