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Mere Sath Na chal


तू मेरे साथ ना चल ऐ मेरी रूह ऐ ग़ज़ल ,
लोग बदनाम न करदे तू इरादो को बदल !

मैंने माना की बहुत प्यार किया है तूने ,
साथ ही जीने का इकरार किया है तूने !
मानले बात मेरी देख तू इस राह न चल!!

तू मेरे साथ ना चल ऐ मेरी रूह ऐ ग़ज़ल ,
लोग बदनाम न करदे तू इरादो को बदल !

साथ देखेगे तो फिर लोग कहेंगे क्या क्या ,
सोच ले सोच ले इल्ज़ाम घेरेंगे क्या क्या !
ऐ मेरी पर्दानशीं  देख, ना परदे से निकल !!

तू मेरे साथ ना चल ऐ मेरी रूह ऐ ग़ज़ल ,
लोग बदनाम न करदे तू इरादो को बदल !

अपनी उल्फत पे कभी आंच न आ जाये कहीं ,
तेरी रुसवाई हो  ये बात गवारा ही नहीं !
देख नादाँ न बन होश में आ यु न मचल !!

तू मेरे साथ ना चल ऐ मेरी रूह ऐ ग़ज़ल ,
लोग बदनाम न करदे तू इरादो को बदल !

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