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Showing posts from September, 2015

I LOVE YOU SO MUCH !!

शबाब था नक़ाब गम, बड़ी हसीन रात थी ! मुझे पिला रहे थे वो, के खुद ही शमा बुझ गई !!
गिलास गुम, शराब गुम, बड़ी हसीन रात थी! लबों से लब जो मिल गए, लबो से लब ही सील गए !!
सवाल गुम, जवाब गुम, बड़ी हसीन रात थी !  लिखा था जिस किताब में, के इश्क़ तो हराम है !!
"रस्क" हुई वो ही किताब गुम, बड़ी हसीन रात थी!! 

KITAB

नज़र में उत्तर जाते है गुलाब आहिस्ता आहिस्ता,  मोहब्बत हो रही है बे- हिज़ाब आहिस्ता आहिस्ता!
":रस्क"  सुना है वो किताब में हमारा नाम लिखते है,  तभी तो वो भी पढ़ते है किताब आहिस्ता आहिस्ता ! 
दिलो में दूरिया हो तो मोहब्बत और बढ़ती है , समझ आएगा उनको ये हिजाब आहिस्ता आहिस्ता!!

Kiss

लबों  से  लबों  को   छूने  का  असर,  ना पूछो  होता  है  क्या  वो  गज़ब ! थरथराहट  सी  होती  है  तन  में , जब  लबों   से  छू  जाते  हैं  लब!!
छूकर  जब  दूर  होते  हैं  लब  , जागती  है  कैसी  प्यास  अजब!  तरसते  हैं  वही  जाम   पीने  को,   कब  मिले  थे  लब  से  उनके  लब !!
 ऐसे  में  हो  जाये  बरसात  अगर,  उफ्फ्फ्फ़  फिर  तो  ना  रुका  जाये  अब!  ना  दूर  रह  पाये  फिर  सनम  से , अगर  ऐसे  में  लब  से  मिल  जाएँ  लब!! 
सिमट  जाएँ  आकर  फिर  हम  उनमे,  खो  जाएँ  उनमे  कुछ  इस  कदर ! ना  होश  रहे  रस्मो  रिवाज़  का ,  जब  उनके  लबों  से  मिल  जाएँ  लब!! 
"रस्क" हो  जाये  हर  मुराद  उनकी  पूरी,  बिखर  जाऊं  मैं  उनके  क़दमों  पर ! ना  रह  जाये  फिर  कोई  रस्म  भी  बाकि,  जब  लब  से  मिल  जाएँ   उनके  लब ...!!!

Yu Hi Mere Samne !!

सामने बैठे रहो दिल को करार आयेगा ! जितने दिखेंगे तुम्हे उतना ही प्यार आएगा !! मैं जो सोचूँगा तुम्हे, और संवर जाओगे ! फूल  चेहरे पर कुछ और निखार आएगा !! दिल की धड़कन में रहो मेरी सांसो में बसो ! बस ये ही लम्हा हर एक कर्ज उतार आएगा ! जितने दिखेंगे तुम्हे उतना ही प्यार आएगा !!

Gungunane Lage

धुप में शामियाने लगे  , वो ख्यालो में आने लगे !  चंद पल की मुलाकात को भी  भूलने में ज़माने लगे  !! कोई जाने ग़ज़ल बन गया,  हम ग़ज़ल गुनगुनाने लगे  ! रूह ऐ रोशन से जुल्फे हटा दो  अब अन्धेरे हमें डराने लगे !! आग अब तो हम अपने दिल की  आसुंओ से बुझाने लगे ! वो जिधर से भी गुजरे है हंस कर  रास्ते जगमगा ने लगे !! "रस्क" उनसे  नज़र जब मिली है  बिन पिए हम डगमगाने लगे है !

Manana Nahi aata !!

मुझे रूठना नहीं आता, मुझे मनाना नहीं आता ! मुझे दूर जाना नहीं आता, मुझे प्यार से वापस बुलाना नहीं आता ! "रस्क" तुम मुझे भूल जाओ ये तुम्हारी मर्जी , मै क्या मुझे तो भूलना भी नहीं आता !

Tumse Lipat Kar !!

सीने से लिपट कर वो मेरे रोने लगे  जिस तरह , मानो ज़न्नत का सुकून मिल गया हो जिस तरह ! हम तो खामोश थे बस उनकी ख़ामोशी देख कर , अहसास होने लगा अपने प्यार का उस वक़्त इस तरह ! "रस्क " फिर से नई  ज़िंदगी मिल गई  जो जिस तरह !!


Chum liya bahon me uthar kar !!

साँसों की हरारत से  चुम लिया , लबों की गर्माहट से चुम लिया !
मिला कर नज़रो को  नज़रो से उसने , शर्म को शरारत से चुम लिया ! 
ले कर मुझ को अपनी बाँहों में,  एहसासो की शिद्दत से  लिया !
छूने से उनके यूँ लगा जैसे , जिंदगी को क़यामत से चुम लिया !
बे खुद कर के इन नज़दीकियों ने , हर दर्द को राहत से चुम लिया !
मुकम्मल गया जहां मेरा , ख़्वाब को हक़ीक़त से चुम लिया !
"रस्क" मुझ को अपना बना कर उसने मेरी, मुहब्बत को इबादत से चुम लिया !! 



Meri Jarutat use bhi thi !!

देखा पलट के उसने की हसरत उसे भी थी,  हम जिस मिट गए थे मुहब्बत उसे भी थी!!
चुप हो गया था देख कर वह भी इधर उधर,  दुनिया से मेरी तरह शिकायत उसे भी थी!! 
ये सोच कर अँधेरे गले लगा लिए,  रातों को जागने की आदत उसे भी थी !!
वो रो दिया था मुझ को परेशान देख कर,  उस दिन लगा की मेरी ज़रूरत उसे भी थी !!