Skip to main content

Posts

Showing posts from April, 2016

tammnao ki tasveer

मुझे तो मोम जैसा दिल मेरे दाता ने बक्शा , आये दिन के सदमो से इसे पत्थर बनता हूँ! कभी फूलो के हार बनता था, नोबत यह आ गयी है की तेग और खंजेर बनता हूँ! मैंने छोड़ा नहीं कभी समझोतों के रास्तो को, कड़ी करते है वो दीवार और में दर बनता हूँ! मुझे रहना है गम की धुप में, मेरी खता यह है की खुले है जिनके सर! उनके लिए छत्ते  बनता हूँ! हवा का एक झोका कहानी खत्म कर देगा, अपनी तमन्नाओ की तस्वीर में पानी पर बनता हूँ...

Wo Shakhs

भूल जाना उसे जो तुम्हे भुला दे ,
मत देखना उसे जो तुम्हे रुला दे !
पर कभी ना होना दूर उस शख़्स से "रस्क" ,
जो अपनी आँखे भिगो कर भी तुम्हे हँसा दे !!

Khawab

छु लेंगे हम तुझे तेरे ख्वाबो  में, पर रूबरू तुझसे कभी ना हो पाएंगे!
तेरी ही चाहत है इस दिल में "रस्क"  अब यह बात तुझे कैसे समझा पाएंगे!
यु ही उतर आएंगे हम तेरे ही खयालो में,  और तेरी रूह बस उतर जायेंगे !
है यही प्यार की इतनी  दास्तां अब , तेरी दुनिया हम सिर्फ ख़्वाबों बसा जायेंगे !
जो मिलना चाहो मुझसे तो देख लेना, अपने दिल में झांक कर. . . . . . .  हम ही हम तुझे वहां नज़र आएंगे !!

Tera aks

कॉफी के कप से उठते धुंए में ,
तेरा अक्स नज़र आता है
"रस्क" तेरे ख्यालो  में खो कर अक्सर,
मेरी कॉफीे  ठंडी हो जाती है !!