pane ki chahat



जरा पाने की चाहत में बहुत कुछ छूट जाता है ,
न जाने सब्र का धागा कहाँ टूट जाता है !
"रस्क" किसे हमराह कहते हो यहाँ तो अपना साया भी,
कही पर साथ रहता है कही पर छूट जाता है !!

Comments

Popular posts from this blog

Acha nahi lagta

Tutata Sitara