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pane ki chahat



जरा पाने की चाहत में बहुत कुछ छूट जाता है ,
न जाने सब्र का धागा कहाँ टूट जाता है !
"रस्क" किसे हमराह कहते हो यहाँ तो अपना साया भी,
कही पर साथ रहता है कही पर छूट जाता है !!

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Bewafa

"रस्क" .... 
वफादार..और तुम...? ख्याल अच्छा है...
बेवफा और हम...? इल्जाम भी अच्छा है... 

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लफ़्जों के इत्तेफाक में...  युँ बदलाव करके देख...  तु देखकर ना मुस्कुरा... बस मुस्कुरा के देख...

jajbaat

कभी हम टूटे तो कभी ख्वाब टूटे, न जाने कितने टुकड़े में अरमान टूटे !! हर टुकड़ा  आइना है ज़िन्दगी का "रस्क" , हर आईने के साथ लाखों जज़्बात टूटे !!