Sunday, July 31, 2016

jajbaat


कभी हम टूटे तो कभी ख्वाब टूटे,
न जाने कितने टुकड़े में अरमान टूटे !!
हर टुकड़ा  आइना है ज़िन्दगी का "रस्क" ,
हर आईने के साथ लाखों जज़्बात टूटे !!

Saturday, July 30, 2016

Bewafa






"रस्क" .... 
वफादार..और तुम...?
ख्याल अच्छा है...

बेवफा और हम...?
इल्जाम भी अच्छा है... 

Monday, July 18, 2016

Sham nahi hoti



"रस्क" तुम तो कहते थे , अब हर शाम तुम्हारे साथ गुजरेगी !
क्या हुआ तुम बदल गए या तुम्हारे शहर में अब शाम नहीं होती !!

Titli

कभी तितली को तरह, कभी सावन की तरह ! हमने चाहा है जिसे, टूटकर बचपन की तरह !! मेरी गजले हसी जेवर है, वो पहने तो सही ! उसकी ...