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Showing posts from July, 2016

jajbaat

कभी हम टूटे तो कभी ख्वाब टूटे, न जाने कितने टुकड़े में अरमान टूटे !! हर टुकड़ा  आइना है ज़िन्दगी का "रस्क" , हर आईने के साथ लाखों जज़्बात टूटे !!

Bewafa

"रस्क" .... 
वफादार..और तुम...? ख्याल अच्छा है...
बेवफा और हम...? इल्जाम भी अच्छा है... 

Sham nahi hoti

"रस्क" तुम तो कहते थे , अब हर शाम तुम्हारे साथ गुजरेगी ! क्या हुआ तुम बदल गए या तुम्हारे शहर में अब शाम नहीं होती !!

Barish.....

Bas... aur kya mangu !!