Skip to main content

jajbaat


कभी हम टूटे तो कभी ख्वाब टूटे,
न जाने कितने टुकड़े में अरमान टूटे !!
हर टुकड़ा  आइना है ज़िन्दगी का "रस्क" ,
हर आईने के साथ लाखों जज़्बात टूटे !!

Comments

Popular posts from this blog

Bewafa

"रस्क" .... 
वफादार..और तुम...? ख्याल अच्छा है...
बेवफा और हम...? इल्जाम भी अच्छा है... 

बस मुस्कुरा के देख..

लफ़्जों के इत्तेफाक में...  युँ बदलाव करके देख...  तु देखकर ना मुस्कुरा... बस मुस्कुरा के देख...