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Log khuda ho jaye



इस से पहले की बेवफा हो जाये, 
क्यों ना ये दोस्त हम जुदा हो जाये ?

तू भी हीरे से बन गया पत्थर ,
हम भी कल जाने क्या से क्या हो जाये!

हम भी मजबूरी का अपनी कुछ बयान करे,
फिर कही और उलझ जाये !

अब के अगर तू मिले तो हम तुझसे,
ऐसे लिपटे तेरी मजार हो जाये !

बंदगी हम ने छोड़ दी है "रस्क"
क्या करे जब लोग खुदा हो जाये !!

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Bewafa

"रस्क" .... 
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jajbaat

कभी हम टूटे तो कभी ख्वाब टूटे, न जाने कितने टुकड़े में अरमान टूटे !! हर टुकड़ा  आइना है ज़िन्दगी का "रस्क" , हर आईने के साथ लाखों जज़्बात टूटे !!