Monday, November 28, 2016

रोना

                                           कौन रोता है किसी और की ख़ातिर ऐ "रस्क" ,
                                            सब को अपनी ही किसी बात पे रोना आया..!!


तेरी आँखें तो मेरी हैं, मैं इन को रुलाऊँ कैसे.

टूट जाये न भरम होंठ हिलाऊँ कैसे.. हाल जैसा भी है लोगों को बताऊँ कैसे.. खुश्क आँखों से भी अश्कों की महक आती है .. मैं तेरे ग़...