Wednesday, December 21, 2016

kal raat


कल रात उनसे मेरी मुलाकात हो गयी ,
ख्वाबो खयालो में जो बात न थी वो हो गई !
टकराई उनसे मेरी शरारत भरी नज़र ,
ऐसा लगा धूप में बरसात हो गई !!


Titli

कभी तितली को तरह, कभी सावन की तरह ! हमने चाहा है जिसे, टूटकर बचपन की तरह !! मेरी गजले हसी जेवर है, वो पहने तो सही ! उसकी ...