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Showing posts from January, 2017

Dost

मेरी रुह निकलने वाली होगी मेरी सांस बिखरने वाली होगी फ़िर दामन जिंदगी का छूटेगा धागा सांस का भी छूटेगा फ़िर वापस हम ना आयेंगे फ़िर हमसे कोइ ना रुठेगा फ़िर आंखोंमे नुर ना होगा फ़िर दिल गम से चुर ना होगा उस पल तुम हमको थामोगे हम से दोस्त अपना फ़िर मांगोगे फ़िर हम ना कुछ भी बोलेंगे और आंखें भी ना खोलेंगे उस पल तुम रो दोगे और दोस्त अपना खो दोगे, दोस्त अपना खो दोगे

true love

उतर जाते है दिल में कुछ लोग इस कदर .......  उनको निकालो तो जान निकल जाती है !!

Rask

जिसे माँगा दुआओ में जिसे चाहा ख्यालों  में , मिला वो ख्वाब  सच बनकर हमें दिन के उजालो में ! नज़र की खुशनसीबी पर ये बाहें "रस्क" करती है , करीब आओ करीब आओ करीब आओ !! सिमट आये है पहली ही नज़र  में फासले दिल के, कसम खाते है हम तुम से जुदा न होंगे अब मिल के !! तुम्हारे साथ अब ये दुनिया हमें जन्नत सी लगती है ...