Tuesday, August 28, 2018

Rang



तुम्हारे गम से तोबा  कर रहा हूँ, 
ताज्जुब हैं , मैं ऐसा कर रहा हूँ !
कोई तितली निशाने पर नहीं है ,
मैं बस रंगो का पीछा कर रहा हूँ !!

No comments:

Post a Comment

तुमसे ज्यादा

  कुछ गहरा सा लिखना था ,  "इश्क़" से ज्यादा क्या लिखूं..! कुछ ठहरा सा लिखना था , "दर्द" से ज्यादा क्या लिखूं..! कुछ समन्...