Thursday, April 2, 2015

USKE PYAR KA ANDAJ


मत पूछ उसके प्यार करने का अंदाज़ कैसा था ?
उसने दिन रात मुझ को सताया इतना की. . . . . 
नफरत भी हो गयी
और 
मोहब्बत भी हो गयी 
उसने इस नज़ाकत से मेरे होंठो को चूमा की 
रोज़ा भी न टुटा 
और अफ्तारी भी हो गयी !
उसने इस एहतराम से मुझसे मोहब्बत की 
के गुनाह भी न हुआ 
और 
 इबादत भी हो गयी 
मत पूछ उसके प्यार करने का अंदाज़ कैसा था ?
"रस्क" उसने इस शिद्दत से सीने से लगाया की 
मौत भी न हुयी 
और 
 जन्नत भी मिल गयी !!

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