Thursday, May 19, 2016

Tumhara koi nahi hoga jab


तुम्हारी आँखों कोई होगा ,
तुम्हारी बातों में कोई होगा ,
तुम्हारे दिल में कोई होगा ,
तुम्हारे दर्द में कोई होगा ,
"रस्क" पर हम होंगे ,
जब तुम्हारा कोई ना होगा !!

Wednesday, May 11, 2016

pane ki chahat



जरा पाने की चाहत में बहुत कुछ छूट जाता है ,
न जाने सब्र का धागा कहाँ टूट जाता है !
"रस्क" किसे हमराह कहते हो यहाँ तो अपना साया भी,
कही पर साथ रहता है कही पर छूट जाता है !!

Titli

कभी तितली को तरह, कभी सावन की तरह ! हमने चाहा है जिसे, टूटकर बचपन की तरह !! मेरी गजले हसी जेवर है, वो पहने तो सही ! उसकी ...